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Ambuj Mishra
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Ambuj Mishra

@ambuj_mishra.modicaremishra

Direct Selling Market((Modicare Limited)))

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@ambuj_mishra.modicaremishra

Direct Selling Market((Modicare Limited)))

🍀🍀 माँ गुरु 🍀🍀 प्यार की मार .फिर मेरे दिल पे बेवफा की नजर पड़ी मैं जहाँ भी जा के छुपा वहीं मार पड़ी हसीनों की महफ़िल में कत्ल करेंगे शायद पहले मेरी आवाज पर कटार आ पड़ी समय कुछ और पहले मेरी सांस न टूटी होती लहर आखिरी थी जब हाथ से पतवार छूट पड़ी सवालों के सागर में सुनेंगे बेवफा फुफकार दिल से मजबूर था जो बेवफा की मार सहनी पड़ी बदनसीब दिल था जो चीख वापस आ गई मैं टूट के भी खुश था की हमसाये की ही मार पड़ी 🥀 सुस्वागतम सुप्रभात 🍁समस्त कू परिवार का हृदयाभिनन्दन 🙏सारे गुण अपने मोदी जी में हैं
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@ambuj_mishra.modicaremishra

Direct Selling Market((Modicare Limited)))

🍀🍀🍀🍀🍀 माँ गुरु 🍀🍀🍀🍀🍀🍀 कल्पना में दर्द २ फूल माला से लदी हो सज संवर के कल्पना तुम कमलिनी सी खिली हो अब भंवर मे कल्पना तुम झकोरों से हिली जाना बुलाती कल्पना चूमने को मैं बढ़ा तो खोई लहर में कल्पना बेचैनियों को चैन आया जब रुलाई कल्पना शुन्य में मैंने निहारा मुस्कुराई कल्पना लेखनी लेकर बैठा स्याही लुटाई कल्पना दर्द ने झझकोर डाला आंसू बहाई कल्पना 💅💅 सुस्वागतम सुप्रभात 🙏🙏समस्त कू परिवार का हृदयाभिनन्दन 🍁🍁 करलो जितनी चाहे साजिशें 🥀🥀हस्ती मिटा नहीं पाओगे
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🍀🍀🍀🍀🍀 माँ गुरु 🍀🍀🍀🍀🍀🍀🍀 🌺🌺 सुस्वागतम सुप्रभात 💅💅समस्त कू परिवार का हृदयाभिनन्दन करता हूँ 🍁🍁मै सोचता हूँ की एक नाचने वाली के पास इतना पैसा आया कहाँ से 🙏🙏जय श्री राघवेंद्रभूषण 🌺🍀🥀💅
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🍀🍀🍀🍀🍀माँ गुरु 🍀🍀🍀🍀🍀🍀🍀 कल्पना में दर्द १ 🥀🥀नींद आती है नहीं नैनों से कोसों दूर है प्यार के है पंख टूटे तन थकन से चूर है प्यार की कालिया है बिखरी क्या कहूँ दिल तुम्हारे पास है पर बदन मजबूर है कल्पना में दर्द है विश्वास भी भावना में प्यास है सलोनी आस भी देखता हूँ समय क साँस में उत्साह भी होंठ से पानी लगा हो बुझ न पाती प्यास भी 🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀 🍀🍀 सुस्वागतम सुप्रभात 🍁🍁समस्त कू परिवार को अम्बुज का हृदयाभिनन्दन 🔥🔥 🌺🌺किसी को कुछ और फिकवाना है तो बोलो भाइयों
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@ambuj_mishra.modicaremishra

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🍀🍀🍀 माँ गुरु 🍀🍀🍀🍀 रंग कर तैयार पाया तुझको जब तेरे लिए जल्दी में तूने फाड़ दी तस्वीर आधी रह गई चिलचिलाती धूप को मैंने पसीना दे दिया भरभराते माघ को मैंने करीना दे दिया डूब कर जब बरसात में घर हमारे ढह गए मैंने हंस कर जिंदगी का आधा सीना दे दिया हिम्मतों से पाल रखा था जिसे मैंने जनाब ठोकरे खाकर गिरा तगदीर आधी रह गई 🥀समस्त कू परिवार को अम्बुज का हृद्यभिनन्दन 💅जय श्री राघवेंद्रभूषण 🍀 सुस्वागतम सुप्रभात 🥀🥀पेट्रोल २०० जाये या २५० वोट मोदी जी को
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🍀माँ गुरु 🍀 ☀️☀️रोशनी हमको मिली तो फेक दी तेरे लिए जो किरण बिखरी मिली तो खींच ली तेरे लिए प्यार का सैलाब लाया आज मै तेरे लिए रात में जो ख्वाब पाया देखा कि था तेरे लिए लाया था तेरे गले में डालने के वास्ते पर उन्होने खींच ली जंजीर आधी रह गयी तेरे लिए कुदरत से माँगा मैं अनूठा रंग था तेरे लिए हसरत से बैठा वह अनूठा रंग था फूल से तुम खिल गए थे तेरा अनूठा रंग था तू तू मैं मैं थी नहीं क्या ही अनूठा संग था रंग कर तैयार पाया तुझको जब तेरे लिए जल्दी में तूने फाड़ दी तस्वीर आधी रह गई
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🍀🍀🍀🍀🍀माँ गुर 🍀🍀🍀🍀🍀🍀 🍁🍁दिन नहीं चैन रैन नहीं निदिया 🌷🌷आवे ना विदेसी पठाएसि नाहीं पतिया 🌺🌺घर तो बसाय गए हमको भुलाय गए 🥀🥀ना जानी कौनो कि नेहिया लुभाए गए 🔥🔥आय गईल बूड़ा अरु छायल विपतिया. आवे ना. 🌹🌹झँखे गुजरिया बीते उमरिया 🌋🌋वरसन से जोहत पथराईल नजरिया ☀️☀️समझे ना हमरी ससतिया. आवे ना .. 🍁🍁कौन गुन जानी तोहार अभिमानी 💮💮रहिया तकत मोर जिनगी सिरानी 🍁🍁अम्बुज से कहि दा हालतिया 🥀🥀आवे ना विदेशी पठएसि नाही पतिया 🔥🔥समस्त कू परिवार को अम्बुज हृदयाभिनन्दन 💅 🍁🍁जय माँ
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🍀🍀🍀🍀🍀माँ गुरु 🍀🍀🍀🍀🍀🍀 रे बचपन तुम याद आ रहे कोमल औ निष्छल मन वाले मधुर मधुर धुन गाने वाले माता पिता गुरु स्वजन के परितः मोद बढ़ाने वाले थे कितने आनन्द पा रहे. .रे बचपन चंचलता की चरम प्रकृति थी जन जन की वह मौन स्वीकृति थी जागृत जिज्ञाषाए भी थी रंच रंच उसमे विकृति थी निरख रूप तुम्हारा अघा रहे. .रे बचपन वे दिन बीत गए सपनो से रोना हसना सब अपनों से खेल खेल में बीता बचपन छूट गया चलना घुटनों से युवा जाल की बाग़ लगा रहे. .रे बचपन 🍁समस्त कू परिवार को अम्बुज चरण स्पर्श करता है 💅
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🍀🍀🍀🍀🍀माँ गुरु 🍀🍀🍀🍀🍀🍀 🍁🍁समस्त कू परिवार को अम्बुज का हृदयाभिनन्दन 🥀🥀फूलो से की मोहब्बत हर किसी ने कांटो को किसी ने न जाना काटों ने तो सीखा है फूलों खातिर मर जाना अब तक कांटो में जो खिलता रहा क्यों कर में सीख गया मुरझाना. .फ़ूलों से की ..
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🍀🍀🍀🍀🍀माँ गुरु 🍀🍀🍀🍀🍀🍀 समस्त कू परिवार को अम्बुज का हृदयाभिनन्दन 💅💅जय श्री राघवेंद्रभूषण 🌺🍀🥀💅🌹 🍁🍁हाई ये सत्ता की मजबूरी 🔥🔥बोले तो छूटे सत्ता की डोरी 🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀
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