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Kumar Vishwas
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Kumar Vishwas
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@kumarvishwas

Artist

The poet (Koi Deewana Kehta Hai, Koi Pagal Samajhta Hai, Magar Dharti Ki Bechaini Ko Bas Badal Samjhta Hai)

calender Joined on Sep 2020
KooKoo 25
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जय होगी हे पुरुषोत्तम नवीन 🇮🇳👍
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”चाँदनी कह तो दिया था तुझे हमने लेकिन चाँद से पूछा तब उन्वान मुकम्मल ठहरा तेरे चेहरे की हर तहरीर ग़ज़ल की हमने तब कहीं जाके ये दीवान मुकम्मल ठहरा..!” ❤️
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बात करनी है बात कौन करे...❤️ एक पुरानी ग़ज़ल, केवी म्यूज़िकल के इस नए अंदाज में ! इसे सुनने के बाद उन अपनों तक भी अवश्य पहुँचाइएगा जिनसे स्नेह का सारा संवाद दर्द की जटिल उलझनों में कुछ ऐसे ही फँसा हुआ हो... 😊 https://www.facebook.com/watch/?v=797992530833181
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KV Studio के चैनल पर मेरे अनदेखे-अनसुने पुराने प्रस्तुतियों की एक शृंखला चलाई जा रही है ! उसी कड़ी में यह विडियो भी शामिल है। वैसे मुझे पता है कि ये मुक्तक इससे पहले भी आप तक किसी न किसी माध्यम से अवश्य पहुँचे होंगे पर केवी स्टूडियो के बच्चों का मानना है कि यह प्रस्तुति भी आप तक ज़रूर पहुँचनी चाहिए ! 😍 तो सुनिए...❤️ https://m.youtube.com/watch?v=ntUkWcC0LF4&feature=youtu.be
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”हर एक रांझे को मिल जाये जो उसकी हीर होली में चटख रंगों में घुल जाये तो दिल की पीर होली में हमारे दिल की दिल्ली में जो राजस्थान पसरा है उसे छूकर लबों से तुम करो कश्मीर होली में..!” 😍❤️ #happy_holi
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होलिका दहन के साथ समस्त कलुष व नैराश्य के समाप्त होने की प्रार्थना और होली की हार्दिक शुभकामनाएँ ! 😍🙏🏻 ”थिरक उट्ठे ज़माना भूलकर खुद आप होली में दिलों में प्यार की ऐसी बजे इक थाप होली में जो पिछले वर्ष भर में इस सियासत ने हमें सौंपे जला डालें चलो सारे कलुष, सब पाप होली में” 😍 #HappyHoli
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रंगोत्सव होली में, ख़ुशरंग गालों पर चढ़ने वाले मुहब्बत के गाढ़े गुलालों की चमक आपके जीवन को भी उतने ही चटक रंगों से परिपूर्ण करे ! उम्मीद है इस अवसर पर, यह विशेष गीत आप तक होली के रंगों को समग्रता के साथ पहुँचाएगा🙏 ! “आज होलिका के अवसर पर...”😍 #HappyHoli https://youtu.be/2xZxGAFs2Xc
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आज छायावाद की आधार स्तंभ महीयसी महादेवी वर्मा का जन्मदिवस है। पीड़ा को शब्द-सुमन में रूपांतरित कर उसे परम सम्मोहक बनाने की कला में निष्णात महादेवी वर्मा जी को महाप्राण निराला द्वारा “हिन्दी के विशाल मन्दिर की सरस्वती” की संज्ञा दी गयी। साध्वी-सा सादा जीवन व्यतीत करने वाली शब्द-साधिका महादेवी वर्मा को उनके जन्मदिवस पर सादर नमन। https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=286881166135230&id=10004440
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आज विश्व कविता दिवस है। साहित्य के द्वारा सत्यम, शिवम् और सुंदरम् की अवधारणा को साकार करने के लिए चिर-संकल्पित सभी भाषाओं के काव्य-सर्जकों को कविता के इस वैश्विक उत्सव पर ढेर सारी बधाई ! कवि-कर्म के कठिन व्रत पर यह यात्रा इस सच के साथ सदैव जारी रहे ! मैं कवि हूँ जब तक पीड़ा है.... 😊 https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=283776313112382&id=100044400460617
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रात और दिन का फासला हूँ मैं ख़ुद से कब से नहीं मिला हूँ मैं ख़ुद भी शामिल नहीं सफ़र में, पर लोग कहते हैं काफिला हूँ मैं ऐ मुहब्बत! तेरी अदालत में एक शिकवा हूँ, एक गिला हूँ मैं मिलते रहिए, कि मिलते रहने से मिलते रहने का सिलसिला हूँ मैं
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