koo-logo
Backback
shyam bhambhu
backblock

shyam bhambhu

@ghanshyam1

Farmer

भजन करो उस रब का जो दाता हैं कुल सब का।।

calender Joined on Jan 2021

KooKooKoo(1386)
LikedLikedLiked(297)
Re-Koo & CommentRe-Koo & CommentRe-Koo & Comment(108)
Moredropdown-menu
*क्या आप ऑर्डर करना चाहेंगे??* 🆓🆓🆓🆓🆓🆓🆓 यह एक आध्यात्मिक पुस्तक है जो परमार्थ सेवा हेतु फ्री में पूरे विश्व में वितरित की जा रही है। *हम भी यही आशा करते हैं कि आप आर्डर करेंगे।* *Free book with free home delevry* *धन्यवाद*🙏🙏🙏
commentcomment
Moredropdown-menu
परम अक्षर ब्रह्म कविर्देव अमर और अविनाशी परमात्मा हैं। गीता अध्याय 15 श्लोक 16-17 तथा अध्याय 8 श्लोक 20 से 22 में गीता ज्ञान दाता ने परम अक्षर ब्रह्म यानि अविनाशी परमात्मा के बारे में कहा है। जबकि बह्मा, विष्णु, महेश की जन्म-मृत्यु होती है। वे अविनाशी नहीं हैं।
commentcomment
Moredropdown-menu
आवत संग न जात संगाती, क्या हुआ दर बांधे हाथी। इक लख पूत सवा लख नाती, उस रावण के आज दीया न बाती ।। रावण का बहुत बड़ा परिवार था। उसके बावजूद भी वह एक पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब की सतभक्ति के बिना अनमोल मनुष्य जीवन की बाज़ी हार कर चला गया।
commentcomment
Moredropdown-menu
कबीर, लूट सको तो लूटियो, राम नाम की लूट। फिर पीछे पछताओगे, प्राण जाएंगे छूट।। हमें यह मनुष्य जीवन भक्ति धन को बढ़ाने के लिए मिला है। यदि हमने इसे यूं ही बर्बाद कर दिया तो हम जीवन छूटने के बाद पछताने के सिवाय कुछ प्राप्त नहीं कर पाएंगे। पूर्ण परमेश्वर कबीर साहेब की सतभक्ति करके ही हम मोक्ष को प्राप्त कर सकते हैं।
commentcomment
Moredropdown-menu
यह तत्वज्ञान केवल पूर्ण संत रामपाल जी महाराज ही बता रहे हैं। अविलम्व ही पूर्ण गुरू संत रामपाल जी महाराज से नाम उपदेश लें, अपना व अपने परिवार का कल्याण कराएं।
commentcomment
Moredropdown-menu
पवित्र श्रीमद्भगवद्गीता के अध्याय 7 के श्लोक 12 से 15 में गीता ज्ञान दाता बता रहा है कि जो साधक तीन गुण (रजोगुण ब्रह्मा जी, सतोगुण विष्णु जी, तमगुण शिवजी) की भक्ति करते हैं वे राक्षस स्वभाव को धारण करने वाले हैं और मनुष्यों में नीच हैं। अविनाशी परमेश्वर कबीर ही तीनों लोकों में प्रवेश करके सबका धारण पोषण करते हैं। (अध्याय 15 श्लोक 16, 17)
commentcomment
Moredropdown-menu
पूर्ण संत रामपाल जी महाराज का उद्देश्य है कि अपने देश की जनता बुराइयों से बचे, शान्तिपूर्वक निर्मल जीवन जीए। परमेश्वर की भक्ति करें, अपने पूर्वजों की तरह बाँट कर खाए। दूसरे की माँ, बहन, बेटी को अपनी माँ, बहन बेटी के भाव से ही देखें।
commentcomment
Moredropdown-menu
पूर्ण संत रामपाल जी महाराज का उद्देश्य है कि अपने देश की जनता बुराइयों से बचे, शान्तिपूर्वक निर्मल जीवन जीए। परमेश्वर की भक्ति करें, अपने पूर्वजों की तरह बाँट कर खाए। दूसरे की माँ, बहन, बेटी को अपनी माँ, बहन बेटी के भाव से ही देखें।
commentcomment
create koo