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Rashmi Thakkar
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Rashmi Thakkar

@Rashmi_Thakkar

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calender Joined on Feb 2021
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Re-KooRe-Koo
👇 इस संदेश को कृपया ध्यान से पढ़ें और जल्दी आगे फारवर्ड करें।👇 1984 के दिल्ली दंगों का फैसला 38 साल बाद भी नहीं। 1990 कश्मीरी हिंदू-सिक्ख Genocide पर सुनवाई से ही इंकार। राम मंदिर पर फैसले को 68 साल दंगाइयों के अवैध निर्माण पर बुलडोजर रोकने का फैसला 15 मिन्ट** ** जिस सुप्रीम कोर्ट के मिलॉर्ड ने महज 7 मिनट की सुनवाई में बुलडोजर रोकने का आदेश दे दिया उसकी सम्पत्ति की भी जांच होनी चाहिए। किस आधार पर जिहादी अतिक्रमण को बचाने की कोशिश की? उन वकीलों ने ऐसे कौन से तथ्य दिए जिसे सुप्रीम कोर्ट
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सुप्रीम कोर्ट (नहीं सुप्रीम कोठा बोलिये) सभी व्यावहारिक उद्देश्यों के लिए शरिया कोर्ट है इस्लामिक आतंकियों पर पेलेट गन का इस्तेमाल बंद करवाया बंगला’देशियों द्वारा अतिक्रमण पर जेसीबी की कार्रवाई को रूकवाया अफजल गुरु के लिए मध्यरात्रि में सुनवाई करवाई सरकार को इन जजों की सुरक्षा हटानी चाहिए और सभी जहांगीरपुरी अतिक्रमण को SC/ST घरों के पास स्थानांतरित करना चाहिए। विडंबना देखिए टैक्स पेयर टैक्स देते हैं उससे सरकार जज की पगार देती है. उसको सिक्योरिटी देती है मज़हबी अत्तंकवादी आके टैक्स दे
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🙏🙏💐🙏🙏
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तमिलनाडु: आप लोगो की नॉलेज के लिए, तमिलनाडू में बिजली दर। मस्जिद रु 2.85 प्रति यूनिट चर्च रु 2.85 प्रति यूनिट मंदिर रू 8.00 प्रति यूनिट (Just See Difference) क्या यही सेकुलर भारत है..?🤔🙄 सेकुलर भारत के नाम पर मुस्लिम भारत (कुछ राज्य सरकार ) बनाने में उतावली है, देश की समस्त जनता को अति शीघ्र समझना पडेगा
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सवाल ये नही कि बुलडोजर रुक गया सवाल ये है कि कूड़ा बीनने वाले 5 वकीलो को 1 करोड़ की फीस कैसे दिए ,देश की एजेंसी ये बता पाने और जांच कर पाने में बिफल ।सरकार को सभी पर ठोस कार्यवाही करनी चाहिये।
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😒🙄😂😂
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कभी कभी जिंदगी में ऐसा मोड़ आ जाता है कि, जहां से ना ऑटो मिलता है, ना ही रिक्शा.... पैदल ही। चलना पड़ता है...!
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पता नहीं कैसे ? वो 15 मिनट में स्टे ले के आ गये। मैं आज तक यह समझ नहीं पाता हूं कि बहुत ऐसे केस में जहां पीड़ित हिंदू होता है यदि वह हाईकोर्ट जाता है तो हाईकोर्ट कहती है कि तुम सीधे मेरे पास क्यों आ गए बे पहले लोअर कोर्ट जाओ लेकिन यह मुस्लिम लोग सीधे सुप्रीम कोर्ट चले जाते हैं और मजे की बात की सुप्रीम कोर्ट बगैर तारीख दिए उसी वक्त सुनवाई भी कर देता है और भी बड़े मजे की बात की सुप्रीम कोर्ट तुरंत ऑर्डर भी दे देता है फिर यह लोअर कोर्ट डिस्टिक कोर्ट सेशन कोर्ट हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्टक्यो
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जिन्होंने याकूब और अफजल को आतंकी नही माना, वो पत्थरबाजो को गलत कैसे मानेंगे?? भ्रम में वो नहीं, बल्कि भ्रम में सेक्युलर है!🤔
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यह वही सु’प्री’म कोठा हैं ना, जिसने एक साल सड़कें जाम होने पे भी कोई सुनवाई नहीं की थी. और कल 20 मिनट में ही बुलडोजर को रोक दिया. वाह रे हमारा अंधा, गुंगा, और बहरा कानून.... तुम्हारे पिछवाड़े पे 🦶🦶🦶
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