koo-logo
koo-logo
backKoo - priyaGo to Feed

More Koos by this user

img
अतुलित बल धामम हैम शैल लाभ देहम, दनुज वन कृशानु नाम ज्ञान नाम गरगरयं, सकल गुण निधानं वानराणामधीशं रघुपति प्रिय भक्तम वातजातं नमामि.नमामि
commentcomment
img
मंगल भवन अमंगल हारी, उमा सहित जेहि जपत पुरारी.पुरारी
commentcomment
img
विनय न मानत जलिध जड़ गये तीन दिन बीत, बोले राम सकोप तब भय बिन होय न प्रीत..
commentcomment
img
तात स्वर्ग अपवर्ग सुख धरिह तुला इक संग , तूल न तहि सकल मिलि जो सुख लव सत्संग .
commentcomment
img
सचिव, वैद्य, गुरु जो प्रिय बोलें भय आस, राज, धर्म, तन तीन कर होहि बेगही नास.नास
commentcomment
img
रा म ना म क ह ते रहो धरे रहो मन धीर , कारज़ वही संभालिये कृपा सिन्धु रघुवीर .
commentcomment
create koo