koo-logo
BackbackKoo - मै कमलेश राज भर {राज} जिला आजमगढ सेGo to Feed
@मै_कमलेश_राज_भर_राज_जिला_आजमगढ_से

व्यवसाय कुछ नही है पुरखों की अमानत हमे विरासत मे मिली है मेह

Moredropdown-menu
✍🏾 सबका जालिम दिल होगा तो देश का नही बचेगा आस्तित्व पाप से रो रही पावन गंगा होने लगा जीवन भी विलुप्त इसके भागीदार सब होगे परिवारिक सवाल अब होगे मेहनत से रोटी की खातिर घायल संविधान तब होगे प्यास की खातिर खुन बहेगे हरे भरे खेत जलेगे 🇮🇳 {राज} 🇮🇳
commentcomment
3

Comments

Moredropdown-menu
img
@Singh_12

Social Worker, Writer, Working With BIZNIS CAFE delhi

शुभ संध्या ⚘ ईश्वर आपको खुश रखे 🙏
commentcomment
1
Moredropdown-menu
img
13 Jul
@ravi_rajanstorys

एक लेखक जो कहानी,कविताएँ,और जीवन लिखता है।आप पढ़िए अपनी सी

सुप्रभात महादेव प्रसन्न हो :) जय भोले जी... 🌻💕 RaviRajan…
commentcomment
1
Moredropdown-menu
img
@kalla_alok

Associate Professor

राधे राधे! जय श्री कृष्णा जय श्रीराम जय माता दी ॐ गं गणपतये नम: सुप्रभात 🚩ॐ हं हनुमते नमः ॐ गं गणपतये नम: ॐ हं हनुमते नमः श्री महालक्ष्मी नमः श्री परमात्मने नम: ॐ नमः शिवाय ॐ ह्रीं ह्रीं सुर्याये नमः ॐ शं शनैश्चराय नम:,आप व आपका परिवार स्वास्थ्य रहें,जय हो जय श्री राम आदरसहितप्रणाम जयमाँचामुंडा 🙏
commentcomment

More Koos from मै कमलेश राज भर {राज} जिला आजमगढ से

Moredropdown-menu
@मै_कमलेश_राज_भर_राज_जिला_आजमगढ_से

व्यवसाय कुछ नही है पुरखों की अमानत हमे विरासत मे मिली है मेह

✍🏾आज मैने फेसबुक देखा दरोगा साहब गाना गा रहे थे तू मेरी जिन्दगी है आवाज अच्छी थी मैने कमेंट बाॅक्स मे लिखा अभी तक पुलिसिया कार्यवाई मे आपका नाम नही आया गवईया मे पहले आ गया लेकिन हमारे देश को अच्छे देशभक्त की जरूरत है एक अच्छे मददगार की ज़रूरत है एक अच्छे शिंघम की ज़रूरत है {राज}
commentcomment
Moredropdown-menu
@मै_कमलेश_राज_भर_राज_जिला_आजमगढ_से

व्यवसाय कुछ नही है पुरखों की अमानत हमे विरासत मे मिली है मेह

शुभ प्रभात आदरणीय 🙏🏽🌅🙏🏽 ✍🏾पहला इम्तिहान हमने मोहब्बत की जहाॅ शोहरत की गर्दिश हमसे हर कदम कई सवाल पुछती है जिसका अनश्वर भी हमारे सामने होता है मगर हम चाह कर भी नही लिख पाते है {राज}
commentcomment
Moredropdown-menu
@मै_कमलेश_राज_भर_राज_जिला_आजमगढ_से

व्यवसाय कुछ नही है पुरखों की अमानत हमे विरासत मे मिली है मेह

इसमे इतना सोचने और घबडाने की जरूरत नही है देख रहा हूॅ जैसे भुचाल आ गया है मेजर ध्यान चंद जी कोई क्रिमनल थोडी थे उन्होने हमारे देश का मान सम्मान गौरव को महत्वपूर्ण स्थान दिलाया है मुझे आप लोग बताओ की क्यो आधे कह रहे है ठीक है आधे कह रहे है नही ठीक है और काग्रेस का क्या चमचो के दम पर चलने वाली सरकार नही भाई नही मुझे ऐसी सरकार चाहिए की मेरे कहने पर लोगो की जरूरते पूरी हो और मै ऐसे लोगो को जानता हूँ
commentcomment
Moredropdown-menu
@मै_कमलेश_राज_भर_राज_जिला_आजमगढ_से

व्यवसाय कुछ नही है पुरखों की अमानत हमे विरासत मे मिली है मेह

आज अपने जन्मदिन के शुभ अवसर पर भगवान भोले नाथ का आशीर्वाद आप सभी के जीवन बगिया को सुख सम्रिधी से हरा भरा रखे 🌸ॐ 🌸🥀 हर हर महादेव🥀🌸 ॐ🌸 {राज}
commentcomment
Moredropdown-menu
@मै_कमलेश_राज_भर_राज_जिला_आजमगढ_से

व्यवसाय कुछ नही है पुरखों की अमानत हमे विरासत मे मिली है मेह

✍🏾मै नजर नीची करके चलता हूॅ फिक्र है कही मेरे पैरो से उनके आशियाने को ठोकर न लगे { राज}
commentcomment
4
Moredropdown-menu
@मै_कमलेश_राज_भर_राज_जिला_आजमगढ_से

व्यवसाय कुछ नही है पुरखों की अमानत हमे विरासत मे मिली है मेह

✒डीएनए विज्ञान से तालुक रखता है या भगवान से अगर भगवान से तालुक रखता होगा तो हिन्दू मुस्लिम एक बतायेगा विज्ञान से अलग अलग किसी इतिहास कार ने लिखा है की इन्सानियत की उत्पति भारत से है यही पुराणो मे भी लिखा है {राज}
commentcomment
1
Moredropdown-menu
@मै_कमलेश_राज_भर_राज_जिला_आजमगढ_से

व्यवसाय कुछ नही है पुरखों की अमानत हमे विरासत मे मिली है मेह

एक नये योगासन पर चर्चा कर रहा हूँ जिसे युगआसन कहते है जलनासन, किसी से मत जलो इमानद्रासन, इमानदारी और इमान की कर्द करों चुगलासन, किसी की चुगली न करो कुटनाशन, कैकयी की मन्थरा न बनो सर्बआशन, सन्तोषम परम सुखम रुपआशन, सुन्दरता का घमंड मत करो हदआशन, अपनी हद मे रहो हद पार मत करों बलआशन, बल का घमंड निर्बल कर देगा कर्मआशन, काम व्याख्या सबसे महान है धनआशन, जितना है बहुत {राज}
commentcomment
Moredropdown-menu
@मै_कमलेश_राज_भर_राज_जिला_आजमगढ_से

व्यवसाय कुछ नही है पुरखों की अमानत हमे विरासत मे मिली है मेह

✍आप हमसे अच्छे है तो मजबूरी क्या है पाना तो सबकुछ है जरूरी क्या है छा जायेगी उदासी इस कदर जीवन मे प्यास अधूरी क्या है पाना तो सबकुछ है जरूरी क्या है {राज}
commentcomment
Moredropdown-menu
@मै_कमलेश_राज_भर_राज_जिला_आजमगढ_से

व्यवसाय कुछ नही है पुरखों की अमानत हमे विरासत मे मिली है मेह

छोडो उन सब बातो को बदले गये हालातो को इसानी महफूज रवैये के मजबूत इरादो को क्या क्या लिखे शब्द कलम जब कवि की चाहत रोती है मधुरिम सा कही सुर साज नही मन्दिर मे कही अरदास नही इज्जत की कही परवाह नही अब मर्म की आहट होती है अकूरित कलियो की साखो को छोडो उन सब बातो को बदले गये हालातो को इसानी महफूज रवैये के मजबूत इरादो को {राज}
commentcomment
2
create koo