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@आर्य_विन्देश्वर_राय_अमात्य

AEO . भक्ति, श्रीमद्भगवद्गीता,श्रीमद्भागवतम-प्रचार-प्रसारक व

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हम जब भी आपस में बातचीत करते है , एक दूसरे पर विश्वास करते है, प्रत्यक्ष एक दूसरे को कहते है तो उसमें गोल मटोल या अप्रत्यक्ष शब्दों का प्रयोग नहीं करते क्योकि उसमें तीसरे का कोई हक नहीं बनता , तीसरे को तब शामिल किया जाता है जब आपस में एक दूसरे पर पूर्ण भरोसा नहीं रहता ।सामिलआपस की विश्वास को धक्का लगता है, कमजोड़ होता है। इसलिए दोनों को आपस में वातचित विना तीसरे को जोड़े हल करना चाहिए।शुभरात्रि 💐
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राधे राधे,
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AEO . भक्ति, श्रीमद्भगवद्गीता,श्रीमद्भागवतम-प्रचार-प्रसारक व

किसी व्यक्ति का व्यक्तित्व उंस वात पर निर्भर करता है की आपकी पसन्द कैसे किसी का पोस्ट , खुद का पोस्ट या like या री-कू कैसे को करते हो ,He/she एक जगह स्थिर माइंड नहीं करता जिसके वजह उसका साथी द्वन्द में पड़ा रहता है की आखिर इसका मन कहाँ अटका है । कैसे विषय वस्तु को सपोर्ट करता /करती है हे/इन वातो सावधान रहना चाहिए की जिसको स्पोर्ट करो- पूर्ण करो ,निश्छल करो प्रेममय करो । ” Radhe ” shri krishna
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@Prachi_Tiwari के विचारों को सुनें ”किसी के अंदर प्रेम जगाकर उसे छोड़ देना. उसकी हत्या करने के ...” https://www.kooapp.com
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AEO . भक्ति, श्रीमद्भगवद्गीता,श्रीमद्भागवतम-प्रचार-प्रसारक व

अतः श्रीकृष्णनामादि न भवेद ग्राह्यमिन्द्रियै:। सेवोन्मुखे हि जिह्वादौ स्वयमेव स्फुरत्यद:।। अर्थात-कोई भी व्यक्ति अपनीदुसित इंद्रियों के द्वारा श्रीकृष्ण के नाम, रूप, गुण, तथा उनकी लीलाओं की दिव्य प्रकृति को नहीं समझ सकता।उनको समझने के लिएभगवानकी दिव्य सेवा से पूरित होना चाहिए । वो अनुभवी आत्मा ही आत्मसंयमी होता है, उसे संसारी विद्वता से कोई लेनादेनानहीं होताक्योंकि वहश्रीकृष्णकी शरणमेजा चुकाहै
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ज्ञानविज्ञानतृपतात्मा कूटस्थो विजितेन्द्रियः । युक्त इत्युच्यते योगी समलोष्ट्राष्मकाच्चन:। अर्थात-वह व्यक्ति आत्म-साक्षात्कार को प्राप्त योगी कहलाता है, वह अपने अर्जित ज्ञान तथा अनुभूति से पूर्णतया सन्तुष्ट रहता है ।वह जितेंद्रिय संसार की सभी बस्तुओं को -चाहे कंकर, पत्थर या सोना ही क्यों न हों एकसमान देखता है उसमें कोई भेदभाव नहीं रहता ।उंस अनुभवी को संसारी विद्वता से कोई लेना देना नहीं रहता ।💐
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@neha7580 के विचारों को सुनें ”👉हिजड़े वो नहीं ,जो साड़ी पहनकर बाजार घूमते है , हिजड़े वो है.जो सनातनी- हिन्दू होकर हिन्दुत्वा से दुश्मनी करते है ..” https://www.kooapp.com/koo/
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@Richasharma007 के विचारों को सुनें ”मेरे कृष्णा,,,,,,,,,,,,,! तुम ही हो कण कण में , जल में तू...” https://www.kooapp.
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@iskcon के विचारों को सुनें ”वैष्णवानां यथा शम्भु: ” ऊँ श्रीराधागोविंदाभ्यां नमो नमः श्रीराधाकृष्णा गोविंदादिपुरुषं परं दैवतं तमहं भजामि ।💐💐💐
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@आर्य_विन्देश्वर_राय_अमात्य

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शुभमङ्गल प्रभात प्रिय दोस्त कू मित्रों💐 श्री राधागोविंदाभ्यां नमो नमः उससे बड़ा न कोई ईश्वरः श्रीकृष्ण: परमानन्द: स्वरूपम 💐💐💐 💐श्रीराधे राधे राधे जय राधे राधे💐💐 जय श्रीराम गोविंदादिपुरुषं हरेकृष्ण श्याम💐 हरहर महादेव शम्भु शिव भोले💐💐
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#जयश्रीकृष्ण जय श्रीराधागोविंदाभ्यां नमो नमः ऊँ जय श्रीराधाकृष्णाय वासुदेवाय कृष्णाय नमो नमः जय श्रीकृष्ण हे गोलोकपति वृन्दावनधाम वासी आपको कोटि कोटि प्रणाम 💐💐💐💐💐
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@sunil के विचारों को सुनें ”राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम ...” 💐💐हरेकृष्ण हरेकृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे 💐💐 💐💐हरेराम हरेराम रामराम हरे हरे 💐💐💐
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