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कोई दो वक्त, पांच वक्त,भोंपू बजा रहा है कोई | जो दिल की, सांसों की धड़कनों तक का मालिक है, | उस खुदा को, ईश्वर को , कलमों से, मंत्रों से , जगा रहा है कोई॥
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