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सुरासंपूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च। दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे ॥ नवरात्र के चौथें दिन माँ दुर्गा के चतुर्थ रूप माँ कूष्मांडा की पूजा की जाती है। आप सभी के जीवन में सुख-शांति एवं समृद्धि का वास हो, यही मेरी मंगलकामना है।
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