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जब सब सो रहे थे हम जाग रहे थे किसी की याद में नहीं जिम्मेदारियों में जाग रहे थे इतना छोटा नहीं था मुकाम हमारा कि कुछ रात जागने से काम चल जाता, अगर आंख लग भी गई तो हमारे हौसले भाग रहे थे!!!
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