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ज्ञानी यानी सत्संगी के लक्षण सतगुरू का ज्ञान तथा दीक्षा प्राप्त करके यदि शिष्य जगत भाव में चलता है, वह मूर्ख है। वह भक्ति लाभ से वंचित रह जाता है। वह भक्ति में आगे नहीं बढ़ पाते। वॆ सार शब्द प्राप्ति योग्य नहीं बन पातॆ। #सत_भक्ति_सन्देश #SantRampalJiMaharaj
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