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कुछ हिन्दू मंदिर जो ताजमहल की झूठी तारीफों की भीड़ में खोकर रह गए .. इस मंदिर में चारों ओर स्थित तीन आयामी प्रतिमाओं को देख कर आपकी आंखे ये मानने से इनकार कर देंगी की यह मंदिर चोल वंश से पूर्व का है । यहाँ स्थित अभिलेखों के अनुसार देवी भद्रकाली को समर्पित यह मंदिर ११वीं. सदी में भी अस्तित्व में था। मंदिर में प्रवेश करते ही ऐसा प्रतीत होता है मानो प्रतिमाएं छत से, चौखटों से निहार रही हो🚩🙏🏼
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