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निर्वस्त्र आये थे_निर्वस्त्र ही जायेंगे कमज़ोर आये थे_कमज़ोर ही जायेंगे बिना धन-संपदा के आये थे बिना धन-संपदा के ही जायेंगे पहला स्नान भी हमने स्वंय नही किया अंतिम स्नान भी हमस्वंय नही कर पायेंगे यही सच्चाई है फिर किस बात का इतना अभिमान किस बात की इतनी नफरत किस बात की इतनी दुर्भावना किस बात की इतनी खुदगर्ज़ी धरती पर हमारे लिए बहुत ही सीमित समय है और हम इन मूल्यहीन बातों मे उसे बर्बाद कर रहे 🚩#ॐ🚩
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