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देवित्रा शर्मा
@devitra_sharma
लाखों झूले थे फांसी पर , करोड़ों ने लाठियां खाई थी नेहरू एडविना के डिनर हुए , भूखी सुभाष की फ़ौज टकराई थी भीग गयी थी भारत भूमि , आँसू और लहू के सैलाब से बेशर्मों ने इतिहास लिखा है कि आज़ादी चरखे से आयी थी
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