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तत्वज्ञान की स्थिति बाज पक्षी जैसी है। जैसे बाज पक्षी अपने शिकार सर्प को आकाश में ऊँचा चढ़कर खोजकर एकदम ऐसे गिरता है जैसे आकाशीय बिजली गर्ज-गर्जकर गिरती है। ऐसे अज्ञान रूपी सर्प को भछंत (भखंत) यानि खा जाता है, समाप्त कर देता है। #सत_भक्ति_संदेश
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