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बिल्कुल सही है, यह विसंगति केवल मुस्लिम समुदाय में ही देखी जा सकती है जो झूठ और फरेब से पालित पोषित की जाती है और स्वार्थ के साथ जड़ों को सींचा जाता है वह धर्म कैसे हो सकता है, एक धर्म दूसरे धर्म को समाप्त करने की शिक्षा देता हो वह कैसा धर्म, अतः केवल हिंदू धर्म संस्कृति ही ऐसी है जो विश्व को वसुधैव कुटुंबकम् की शिक्षा देता है, इस लिए सम भाव धर्म कैसे हो सकते हैं, सलमान खुर्शीद निर्लज्ज है।जयहिंद
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