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हर एक एक सांसो में समे हुये रमे हुए हर पल तीन तिलोकी के नाथ को ह्रदय में रखते हुये उनके चरणों में निवास करते हुये जीवन को खुशहाल बने हुए रमे हुये समे हुये हे जय श्री राम शुभ रात्रि
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