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🤷‍♂️🌿🌿 नई पाज़ेब की छम- छम पुरानी हो गई। ज़िगर में हर धड़कती आग पानी हो गई। तुम्हारे हर फ़साने में कई क़िरदार रहते हैं। शराफ़त! ये तभी तो आसमानी हो गई। अज़ब ये चापलूसी का हुनर जब से तुम्हें आया। तुम्हारी नागफनियाँ रातरानी हो गई !🌱🌱🙏🏼🙏🏼😊
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