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#महाभारत (४१) सो रहे हो जाग जाओ, धर्म संस्कृति को बचाओ। घोर संकट आ पड़ा है, शत्रु अब दर पर खड़ा है। क्रान्ति के उठते स्वरों में, एक स्वर मेरा मिलाओ। सो रहे हो जाग जाओ, सो रहे हो जाग जाओ।। आर. पी गंगवार! सब आपसी मतभेद भुलाकर इतनी जोर से आवाज लगाओ, कि सेकुलरों के कानो के परदे हिल जाएं।
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