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🌿🌿हमारा गाँव कम-से-कम उजाले को तरसता है। तुम्हारे शहर की जगमग सुहानी हो गई ! मुनासिब ज़िन्दगी में तो तुम्हें हर क़ामयाबी है। हसीं मुस्कान लब की राजधानी हो गई ! सियासत ज़िन्दगी में इस तरह हावी हो गयी है अब। हकीकत में परेशां जिन्दगानी हो गयी 🤷‍♂️🙏🏻🙏🏻😊🌱
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