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#मनोभाव::::::::: ” कशमकश ” सौ-गुना बढ़ जाती है_💝” खुबसूरती मेरी ”💝 जब दीदार-ए-यार होता है !!!! आँखों से उनकी, स्वयं को निहारती हूँ 🤩 सजते-सँवरते भी, ख़यालों में उनके खो जाती हूँ ! फ़िर सखियां मेरी, मुझसे पूछती हैं _____ कहाँ खो गयी है तू😜 _____ ????? ____अनुपमा पटवारी ✍
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