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सोचतीं हूँ तुम्हे अपने हर लम्हें में बसा लूँ पराए हो तुम तुम्हे मैं अपना बना लूँ पर कहीं मोहब्बत ना हो जाए तुमसे ज़रा ठहरो तुम...मैं अपने दिल को समझा लूँ।।
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