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कण-कण से है रिश्ता मेरा अब शिव ने मुझे पुकारा है रही ज्योतिर्मय, शिवमयी सदा काशी ने पुनः स्वीकारा है। रही देवों की नगरी काशी पर विश्वनाथ तो मेरे हैं अद्भुत हैं अनंत अगोचर हैं मधुरिम संबंध घनेरे हैं..!! #लता_सिन्हा ’ज्योतिर्मय’ #जन्मदिन💐 #काव्य_कृति ✍️
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