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घाटी में25बेगुनाह नागरिक इस साल मारे गए है।नपुंसक मानवाधिकारवादियों , व सेक्युलर राजनैतिक जमातियो में इतना पौरुष नहीं है कि इस्लामिक आतंकियों के विरूद्ध चू तक कर सके।मरने वाले सभी या हिंदू थे या राष्ट्रवाद के पक्षधर।यही उनका गुनाह था।सबसे शर्मनाक कश्मीर के साथ देश के सामान्य मुस्लिम आवाम का इस तरह की घटनाओं पर चुप रह जाना है।केंद्र राज्य सरकार ऐसे दुस्साहस को सामान्य अपराध के चस्मे से ना देखे।
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Replying to @mishrarajesh
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