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सुनो 🧏 रिश्ते काँच की तरहा होते हैं, उनको बडा सहेज कर रखना पढता है, एक औरत इन रिश्तों को टुटने से बचा लेती है, पर खुद को टुटने से नही बचा पाती है, वो सब काम करती रहती है,चलती रहती है, पर वो कही ना कही मन से खत्म हो जाती है, हँसना भुल जाती है__ बोलना भुल जाती है , और एक खामोशी सी ओढ _ कही गुम सुम सी हो जाती है 🤱 🌺🤱सुप्रभातम सभी नू 🤗🌺 🙏🚩#ॐ_नमो_नारायण 🚩🙏
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