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भोर की पहली किरण के गीत लिक्खूँ रोशनी के बांकपन के गीत लिक्खूँ! कली की पहली चटक के गीत लिक्खूँ नर्म टहनी की लचक के गीत लिक्खूँ जले चूल्हे की अगन के गीत लिक्खूँ! गीत लिक्खूँ फसल की अंगड़ाईयों के फूल की बजती हुई शहनाइयों के समय के सच्चे सृजन के गीत लिक्खूँ..! ~ नचिकेता #सुहानी_भोर🌄 #काव्य_कृति✍️
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