back
user
नारी तो नारी हे घरस्थी जीवन मे पुरूष को पुजाने मे श्रेय नारी को ही जाता हे हा सती सावित्री हो तब जय श्री राम संस्कारो में बंधी हुई नारी अपना घर परिवार छोङ के आंसू के साथ पराया अपनाना देवी से कम नहीं इसीलिए नारी को देवी का रूप माना गया
user
Replying to @dadhel
0/400